ताजा समाचारवायरलहरियाणा

जीवन की डोर को मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग जोड़ेगा 296 नई एंबुलेंस

7 सालों में एंबुलेंस पहुंचने का समय 5 मिनट काम हुआ अब 2 मिनट और घटाने का लक्ष्य

Satyakhabarindia

 

सत्य खबर हरियाणा

Life Support : हरियाणा का कोई भी जिला ऐसा नहीं है जहां नेशनल हाईवे न हो। इससे जहां रफ्तार बढ़ रही है वही हादसे भी लगातार बढ़ रहे हैं। पूरे देश में जहां सड़क हादसों में प्रति एक लाख व्यक्ति पर 9.65 लोगों की मौत हो रही है वही हरियाणा में यह आंकड़ा करीब डबल होकर 15.93 हो गया है।

केजरीवाल की पार्टी पर BJP का बड़ा हमला, आतिशी ने साजिश का लगाया आरोप
केजरीवाल की पार्टी पर BJP का बड़ा हमला, आतिशी ने साजिश का लगाया आरोप

हरियाणा में हर साल करीब 5000 लोगों की मौत सड़क हादसे में हो रही है। बीते साल आंकड़ा 4893 था। 2021 में 4706 लोगों की मौत हुई थी, 2022 में 4915 लोग सड़क हादसों का शिकार हुए थे। 2023 में अब तक का यह सबसे बड़ा आंकड़ा था जब 4968 लोग इन सड़क हादसे की वजह से मारे गए। सड़क हाथों में एक खास बात यह भी देखने को आई है कि अगर एम्बुलेंस सेवा सही समय पर मिल जाए तो किसी व्यक्ति की जान बच सकती है। हरियाणा सरकार 2017 से लेकर 2025 तक एंबुलेंस के पहुंचने में 5 मिनट की कमी लाने का काम किया है। 2017-18 में एंबुलेंस को पहुंचने में 16 मिनट लगते थे और वर्तमान में 11 मिनट में एंबुलेंस पहुंच रही है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य अब यह है कि इसे 10 मिनट से काम किया जाए। इसके लिए प्रदेश सरकार अपने एंबुलेंस बेड़े में 296 नई एंबुलेंस जोड़ने जा रही है।

कई बार देखने में आता है कि एंबुलेंस की थोड़ी सी देरी जीवन पर भारी पड़ जाती है। इसे देखते हुए राज्य सरकार अब अपने इमरजेंसी एंबुलेंस नेटवर्क की रफ्तार को तेजी देने का काम कर रही है ताकि हादसे के बाद मदद मिनटों में पहुंचे। इसके लिए राज्य सरकार अपने एंबुलेंस बेड़े में 296 नई एंबुलेंस शामिल करने जा रही है। इन एंबुलेंस के जरिये सरकार का लक्ष्य किसी भी हादसे या ट्रामा के स्पॉट पर दस मिनट से कम समय पर पहुंचने का रखा गया है।

नए बेड़े में 70 एंबुलेंस एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट वाली होंगी। 59 को आउटसोर्सिंग के जरिये शामिल किया जाएगा। बाकी 167 बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) एंबुलेंस की खरीद प्रक्रिया जारी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक डॉ. वीरेंद्र यादव ने बताया, ट्रॉमा, हार्ट अटैक और सड़क हादसों जैसी आपात स्थितियों में हर मिनट की अहमियत होती है। खासतौर पर हाईवे और घनी आबादी वाले शहरों में बढ़ती इमरजेंसी कॉल्स को देखते हुए त्वरित प्रतिक्रिया बेहद जरूरी हो गई है। कोशिश है कि जरूरत के समय एंबुलेंस दस मिनट से कम समय पर पहुंचे। मार्च का हमारी एंबुलेंस का औसत 9.29 मिनट का आया है। अब इसे नौ मिनट के आसपास ही रखना है। इस पर खासी निगरानी की जा रही है।

सात जिलों में एंबुलेंस की संख्या बढ़ेगी

केजरीवाल और सिसोदिया ने जज पर उठाए सवाल, दिल्ली राजनीति में बड़ा मोड़
केजरीवाल और सिसोदिया ने जज पर उठाए सवाल, दिल्ली राजनीति में बड़ा मोड़

राज्य में फिलहाल 550 एंबुलेंस हैं। इनमें 210 के वाहन अपनी उम्र पूरी कर चुके हैं। गुरुग्राम में 27 एंबुलेंस को बढ़ाकर 35, फरीदाबाद में 20 से 27, पंचकूला में 21 से 27, यमुनानगर में 20 से 25, हिसार में 30 से 33, करनाल में 30 से 31 और सिरसा में 32 से 37 एंबुलेंस तैनात करने का प्रस्ताव है। इस विस्तार का मकसद आपातकालीन प्रतिक्रिया समय को कम करना और दुर्घटना या गंभीर मरीजों तक तेजी से चिकित्सा सहायता पहुंचाना है।

हाईटेक होगी एंबुलेंस सेवा

नई एंबुलेंस सिर्फ संख्या नहीं बढ़ाएंगी, बल्कि तकनीक से भी लैस होंगी। इनमें रियल-टाइम जीपीएस ट्रैकिंग, ऑटोमैटिक कॉल-रूटिंग सिस्टम और डायरेक्ट कम्युनिकेशन डिवाइस लगाए जाएंगे जिससे कॉल से लेकर रिस्पॉन्स तक का समय घटेगा। एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस में कार्डियक मॉनिटर, डिफिब्रिलेटर, ऑक्सीजन सपोर्ट और जरूरी दवाओं जैसी सुविधाएं होंगी ताकि मरीज को मौके पर ही स्थिर किया जा सके। इसके साथ ही स्टाफ को भी विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। ड्राइवर, इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन और कॉल सेंटर ऑपरेटरों को खास ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि कॉल आने से लेकर मरीज को अस्पताल पहुंचाने तक हर कदम पर बेहतर तालमेल बन सके।

1. #HealthDepartment
2. #AmbulanceService
3. #EmergencyResponse
4. #LifeSaving
5. #HealthcareInnovation
6. #FasterResponse
7. #PublicHealth
8. #CommunityCare
9. #EmergencyMedicalServices
10. #StrengtheningHealthcare

हरियाणा से सटे पंजाब में रेलवे ट्रैक पर जोरदार धमाका, एक की मौत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button